Aghorpeeth
Aghoracharya Baba Kinaram Aghor Sodh Evam Seva Sansthan

अघोरेश्वर के आदर्शों पर चलने के संकल्प और कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ 'अघोरेश्वर जन्मोत्सव समारोह-2025'
'अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान'- वाराणसी के तत्वावधान में बिहार के आरा जिले के गुण्डी ग्राम स्थित 'माँ मैत्रायिणी योगिनी स्मारक स्थल' के सौजन्य से आयोजित विश्वविख्यात संत और अघोर परंपरा के महान संवाहक बाबा अवधूत भगवान राम जी अघोरेश्वर महाप्रभु का जन्मदिवस समारोह, 'अघोरेश्वर जन्मोत्सव समारोह-2025', कई ऐतिहासिक पलों का गवाह बना ।
अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी की अध्यक्षता में संपन्न हुए जन्मोत्सव समारोह के पहले दिन, 11 सितंबर को, सुबह से ही 'माँ मैत्रायिणी योगिनी स्मारक स्थल' पर जारी पूजा-पाठ, आरती-पूजन, प्रसाद ग्रहण जैसी धार्मिक औपचारिकताओं में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया । इसके बाद 'माँ मैत्रायिणी योगिनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल-गुण्डी' कैम्पस में लगाए गए 'निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर' के तहत गुण्डी ग्राम तथा आस-पास के क्षेत्रों के तक़रीबन 500 लोग इस स्वास्थ्य शिविर में आये और डॉक्टर्स द्वारा परीक्षण के बाद ज़रुरी चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठाया । इसके अलावा क़रीब 10-12 लोगों ने, 'ब्लड डोनेशन कैंप' में पहुँचकर रक्तदान किया ।
'जन्मोत्सव समारोह' के दूसरे दिन, 12 सितंबर को, गुण्डी ग्राम में अघोरेश्वर की जन्मस्थली पर सुबह साफ़-सफ़ाई के बाद उत्साही भक्तों की टीम गंगा जी पहुंची और स्नान, ध्यान धारणा के बाद वापिस ये टीम अघोरेश्वर महाप्रभु की जन्मस्थली, गुण्डी, पहुंची । वहाँ से चार चक्का और दुपहिया वाहनों के साथ एक 'प्रभात फेरी' निकली, जो जन्मस्थली के आसपास के क्षेत्रों का चक्रमण कर वापिस लौटी । इसके बाद शुरु हुईं धार्मिक औपचारिकताएं । पूजा-पाठ, हवन, आरती के बाद प्रसाद ग्रहण करने का दौर क़रीब 11 बजे तक चला । तदुपरांत गुण्डी स्थित 'माँ मैत्रायिणी योगिनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल' के परिसर में कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चला । स्कूल के बच्चों ने सामाजिक सरोकार से जुड़े गीत-संगीत के माध्यम से शानदार प्रदर्शन कर लोगों की शाबासी बटोरी । बच्चों के प्रदर्शन के दौरान लगातार तालियां बजती रहीं । बच्चों के अलावा कई प्रसिद्ध गायकों ने भी सुर और ताल के साथ समां बांधा ।
इसके बाद 'अघोर परंपरा और अघोरेश्वर महाप्रभु की प्रासंगिकता' पर एक वैचारिक गोष्ठी का भी आयोजन हुआ, जिसमें वक्ताओं ने समाज और अध्यात्म में अघोरेश्वर महाप्रभु के अतुलनीय योगदान का ज़िक़्र किया और उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया । अंत में आभार ज्ञापन के साथ 'अघोरेश्वर जन्मोत्सव समारोह-2025', के समापन की घोषणा की गई ।
ग़ौरतलब है कि विश्वविख्यात संत अघोरेश्वर महाप्रभु बाबा अवधूत भगवान राम जी का जन्म बिहार राज्य के आरा (भोजपुर) जिले के ग्राम:-गुण्डी में 12 सितंबर 1937 को हुआ था ।