Service is Devotion

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The existence of Lord Shiva "Aghor" is believed to be there even before creation of life in universe. Aghor is an ancient spritual discipline and has been practised ever since the early days of Vedic Era. Words like "Aghor", "Aughad", "Kapalik", "Aghori", "Aughar", "Awadhoot" means the same, which is simple and natural state of consciousness.

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शारदीय नवरात्र 2026

Event Date

19 October 2026

शारदीय नवरात्र 2026

*सिद्धपीठ 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' में नवमी कन्या व भैरव पूजन के साथ शारदीय नवरात्र संपन्न*

यूँ तो हर पर्व का अपना एक महत्व होता है, लेकिन भगवती के विभिन्न रूपों की पूजा से सराबोर नवरात्र-पर्व की रौनक अलग ही होती है ।

9 दिनों तक चलने वाले इस पर्व में जो उत्साह देखने को मिलता है वो अगाध आस्था और विश्वास का स्वप्रेरित स्वरुप होता है । और इस पर्व के आख़िरी दिन यानि नवमी (कन्या पूजन) का आकर्षण तो अद्भुत होता है।

इसी कड़ी में शारदीय नवरात्र-2026 का पर्व हर जगह श्रद्धा के साथ हर्षोल्लास साथ मनाया गया । भगवती के हर रुपों की आराधना और पूजा-अर्चना के तहत 'नवमी कन्या पूजन' के साथ शारदीय नवरात्र संपन्न हुआ । ज़ाहिर है 19 अक्टूबर को नवमी की रौनक भी हर जगह रही ।

शहर में जगह-जगह, 'नवमी कन्या पूजन' के चलते, भीड़-भाड़ और उत्साह का माहौल था।
लेकिन नवमी कन्यापूजन का सर्वाधिक आकर्षण रविन्द्रपुरी स्थित विश्वविख़्यात अघोरपीठ, 'बाबा कीनाराम स्थल क्रीं-कुण्ड', में दिखा । सुबह आश्रम की साफ-सफ़ाई और दैनिक आरती-पूजन के बाद 'नवमी कन्या पूजन' की शुरुवात हुई ।
यहाँ के पीठाधीश्वर परम पूज्य अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी की अगुवाई व मार्गदर्शन में नवमी पूजा का प्रारम्भ हुआ । सर्वप्रथम सभी 9 कन्याओं का श्रृंगार कर उन्हें देवी रुप में और एक बालक का श्रृंगार कर उन्हें भैरव बाबा के रुप में प्रतिष्ठित कर आसीन किया गया ।
स्वयं परम पूज्य पीठाधीश्वर जी द्वारा सभी देवी स्वरुप में बाल कन्याओं और भैरव रूप में बालक के पाँव पखारे गए । तत्पश्चात सभी 9 देवी व् भैरव जी की विधि सम्मत पूजा कर उनकी आरती उतारी गयी । इसके बाद सभी देवियों व् भैरव जी को विभिन्न पकवानों का भोग लगाया गया और उन्हें तृप्त कराकर पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया गया । इस दौरान नवरात्र पूजन के आचार्य श्री प्रकाश जी सहित उपस्थित सैकड़ों भक्तजनों द्वारा 'जय माँ सर्वेश्वरी' और 'हर-हर महादेव' का उदघोष लगातार होता रहा ।
तदुपरांत पीठाधीश्वर जी के दर्शन के बाद, भंडारे के तहत, हज़ारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया ।
ग़ौरतलब है कि अघोरपीठ 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' में नवरात्र का पर्व और 'नवमी कन्या पूजन' को देखने के लिए देश और दुनिया के साधक-महात्माओं के अलावा आम श्रद्धालुजन भी बड़ी संख्या में यहां आते हैं।